a diya

जब अंधकार की चुनौती पर 
कोई दिल संकल्प ठानता है,
कुछ किरणें लोहा लेती
हैं,
कुछ दीए सूरज बन जाते हैं,
तब हर क्षण अरुणोदय होता है,
हर पल उत्कर्ष मनाता है, 
हर दिवस पर्व बन जाता है ।
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आइये, संकल्प लें
 
और
 
कुछ नन्हे दीयों को सूरज बनायें।

दीपपर्व – 2017 मंगलमय