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आज का लेख

आज का लेख

स्वामी सानंद के आत्मकथ्य पर आधारित शीघ्र प्रकाश्य हिंदी पुस्तक

ख़ास परिचितों के बीच ‘जी. डी.’ के संबोधन से चर्चित सन्यासी स्वर्गीय स्वामी श्री ज्ञानस्वरूप सानंद के गंगापुत्र होने के बारे में शायद ही किसी को संदेह हो। बकौल श्री नरेन्द्र मोदी जी, वह भी गंगापुत्र हैं। ”मैं आया नहीं हूं, मुझे मां गंगा ने बुलाया है।” – वर्ष 2014…

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आज का लेख

An upcoming English book based on self-brief by SWAMI SANAND

To have the realness, to have the growth of vision, about the rights and wrongs of life, the churning should be done. After every churning, there is heat and light. The light brings the truth. For that, the questions need to be asked, such as, how it is to be understood, that we are developing? What can be the definition of development? Will it be okay to talk about any definition? Is asking such questions or thinking in this way, creates something negative or will the light be born from this churn? Although, there are factual intelligence, vested interests, practices and will. However, among these, there are many examples of personalities, sacrifices and wisdom, which are the source of light, helping visions to grow, to churn, to effort.

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आज का लेख, नदी लेख, समय विशेष

स्वामी सानंद का गंगा स्वप्न, सरकार और समाज

लेखक : अरुण तिवारी 20 जुलाई, 1932 को जन्मे प्रो. गुरुदास अग्रवाल जी ने 11 अक्तूबर, 2018 को अपनी देहयात्रा पूरी की। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज़िला मुजफ्फरनगर के कांधला में जन्मे। उत्तराखण्ड के ज़िला ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में उन्होने अंतिम सांस ली।  उनकी एक पहचान ‘जी डी’…

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आज का लेख

इंसानियत अभी ज़िंदा है

लेखक : अरुण तिवारी  सच है कि अधिक से अधिक धन, अधिक से अधिक भौतिक सुविधा, अधिक से अधिक यश व प्रचार हासिल करना आज अधिकांश लोगों की हसरत का हिस्सा बनता जा रहा है। यहीं यह भी सच है कि ऐसी हसरतों की पूर्ति के लिए हमने जो रफ्तार…

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आज का लेख, जलतरंग, नदी लेख, पानी लेख, प्रकृति लेख

न्यू इण्डिया के नारे के बीच पानी, खेती और शहरों की तसवीर तथा बाजार व सरकार के रवैये को सामने रखती एक कविता

यह न्यू इण्डिया है…रचनाकार : अरुण तिवारी 1.  पानी बूंदा है, बरखा है,पर तालाब रीते हैं।माटी के होंठ तक कई जगह सूखे हैं।भूजल की सीढ़ी के नित नये डण्डे टूटे हैं।गहरे-गहरे बोर नेकई कोष लूटे हैं।शौचालय का शोर भी कई कोष लूटेगा।स्वच्छ नदियों का गौरव बचा नहीं शेष अब,हिमनद के आब तकपहुंच गई आग आज,मौसम की चुनौतीघर…

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आज का लेख, पानी लेख

दिल्ली जल बोर्ड : बदहाल आपूर्ति, तरक्की पर भ्रष्टाचार

दिल्ली जल बोर्ड बदहाल आपूर्ति, तरक्की पर भ्रष्टाचारलेखक : अरुण तिवारी मुख्यमंत्री श्री केजरीवाल के लिए यह याद करने का एकदम सही वक्त है कि यदि पानी के बिल में छूट का लुभावना वायदा आम आदमी पार्टी के लिए दिल्ली विधानसभा की राह आसान बना सकता है, तो दिल्ली जलापूर्ति की…

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आज का लेख, समय विशेष

दीपपर्व 2017 मंगलमय

जब अंधकार की चुनौती पर कोई दिल संकल्प ठानता है,कुछ किरणें लोहा लेती हैं,कुछ दीए सूरज बन जाते हैं,तब हर क्षण अरुणोदय होता है,हर पल उत्कर्ष मनाता है, हर दिवस पर्व बन जाता है ।****************************** आइये, संकल्प लें और कुछ नन्हे दीयों को सूरज बनायें। दीपपर्व – 2017 मंगलमय

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आज का लेख, समय विशेष

05 सितम्बर – भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर विशेष

डी एन ए विकसित करने की भूमिका में आयें शिक्षक लेखक:अरुण तिवारी शानदार इमारतें, आधुनिकतम उपकरण, तकनीक, उन्नत किस्में, नस्लें… आज हमारी चाहत का हिस्सा हैं। गारंटीप्रूफ इलाज, ऊंची आय, अधिकतम उत्पादन भी हम चाहते ही हैं। इन्हे बनाने, हासिल करने, चलाने, हासिल तथा प्रबंधन करने वाले हुनरमंदों को तैयार…

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आज का लेख, नदी लेख, पानी लेख, प्रकृति लेख

समाज का प्रकृति एजेण्डा जगाती एक पुस्तक

पुस्तक का नाम: समाज, प्रकृति और विज्ञान लेखक:श्री विजयदत्त श्रीधर, श्री राजेन्द्र हरदेनिया, श्री कृष्ण गोपाल व्यास, डाॅ. कपूरमल जैन, श्री चण्डी प्रसाद भट्टसंपादक: श्री राजेन्द्र हरदेनियाप्रकाशक: माधवराव सप्रे स्मृति समाचारप संग्रहालय, एवम् शोध संस्थान, माधवराव सप्रे मार्ग (मेन रोड नंबर तीन), भोपाल (म.प्र.) – 462003संपर्क :  फोन: 0755-2763406 / 4272590,…

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