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आज का लेख

आज का लेख, प्रकृति लेख, समय विशेष

अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस २०१७ पर विशेष : जन जुड़ेगा तो बचेगा पर्यावरण

श्री अनुपम मिश्र जी और उनसे परिचय करती भेड़ें : यूँ जुड़े प्रकृति का हर अंग तो कुछ बात बने आदरणीय / आदरणीया,नमस्ते . अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस – 2017 का संयुक्त राष्ट्र संघ निदेशित वाक्य है – कनेक्ट विथ नेचर अर्थात प्रकृति से जुड़ें.इसके मायने को खोलता अरुण तिवारी लिखित लेख नवभारत टाइम्स के 05…

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arun tiwari and river ganga
आज का लेख, जलतरंग, नदी लेख, समय विशेष

गंगा तट से बोल रहा हूं : अरुण तिवारीFeatured

हंसा तो तैयार अकेला , तय अब हम को ही करना है  स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद (प्रो जी डी अग्रवाल जी ) के गंगा अनशन (वर्ष 2013) पर छाई चुप्पी से व्यथित होकर अनशन के 100वें दिन श्री अरुण तिवारी ने एक अत्यंत मार्मिक आहृान किया था। मातृ सदन के स्वामी…

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आज का लेख, प्रकृति लेख

जैविक में है दम, सिक्किम बना प्रथम

लेखक : अरुण तिवारी  यदि हमारी खेती प्रमाणिक तौर पर 100 फीसदी जैविक हो जाये, तो क्या हो ? यह सोचते ही मेरे मन में सबसे पहले जो कोलाज उभरता है, उसमें स्वाद भी है, गंध भी, सुगंघ भी तथा इंसान, जानवर और खुद खेती की बेहतर होती सेहत भी। इस…

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आज का लेख, प्रकृति लेख

कितना असाधारण अब सौ फीसदी कुदरती हो जाना

लेखक : अरुण तिवारी  प्रकृति का एक नियम है कि हम उसे जो देंगे, वह हमें किसी न किसी रूप में उसे लौटा देगी। जो खायेंगे, पखाने के रूप में वही तो वापस मिट्टी में मिलेगा। सभी जानते हैं कि हमारे उपयोग की वस्तुएं जितनी कुदरती होंगी, हमारा पर्यावरण उतनी ही…

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आज का लेख, समय विशेष

चुनाव सुधार के चार कदम

लेखक : अरुण तिवारी जनगणना-2011 के अनुसार, कुल भारतीय ग्रामीण आबादी में से 74.5 प्रतिशत परिवारों की आय पांच हजार रुपये प्रति माह से कम है। इसके विपरीत भारत की वर्तमान केन्द्रीय मंत्रिपरिषद के 78 मंत्रियों में से 76 करोड़पति हैं। राज्य विधानसभाओं के 609 मंत्रियों में से 462 करोड़पति…

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आज का लेख, नदी लेख

यकायक इतनी चुनावी अछूत कैसे हो गई गंगा माई ?

लेखक : अरुण तिवारी  लोकसभा चुनाव – 2014 में नरेन्द्र भाई मोदी ने गंगा को मां बताया था। आज मां गंगा की कोई चर्चा नहीं है; न मोदी जी के भाषण में, न उमा भारती जी की उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनने की उड़ान में। इस बार मोदी जी ने…

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आज का लेख, पानी लेख

हम हवा-पानी सोखन लगे, तो को कर सकै उद्धार

हर्ष की बात है कि विश्व नमभूमि दिवस – 2017 से ठीक दो दिन पहले ऑस्ट्रेलिया सरकार ने 15 लाख डाॅलर की धनराशि वाले ’वाटर एंबडेंस प्राइज’ हेतु समझौता किया है। यह समझौता, भारत के टाटा औद्योगिक घराने और अमेरिका के एक्सप्राइज़ घराने के साथ मिलकर किया गया है।    विषाद का विषय है कि…

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आज का लेख, समय विशेष, संवाद

तालाब जितने सुंदर व श्रेष्ठ होंगे, अनुपम की आत्मा उतना सुख पायेगी – राजेन्द्र सिंह

अनुपम स्मृति प्रस्तुति: अरुण तिवारी हम सभी के अपने श्री अनुपम मिश्र नहीं रहे। इस समाचार ने खासकर पानी-पर्यावरण जगत से जुडे़ लोगों को विशेष तौर पर आहत किया। अनुपम जी ने जीवन भर क्या किया; इसका एक अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अनुपम जी के प्रति…

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आज का लेख, पानी लेख

सत्यमेव जयते वाटर कप के बारे में एक वृतचित्र – दुष्काल दोन हात ( द बैटल अगेंस्ट ड्रॉट )

( पानी के लिए लोगों को जोड़ने के लिए आमिर खान के नेतृत्व में किया गया एक अनूठा प्रयोग )प्रेषक – पानी फाउंडेशन टीम  From: Paani Foundation <paanifoundation@paanifoundation.in>Date: Fri, Sep 2, 2016 at 4:09 PM Dear all, Hope you’re doing very well. As you might know, the core team of Satyamev Jayate has…

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आज का लेख, नदी लेख

बाढ़ नहीं, इसकी तीव्रता व टिकाऊपन से डरें

लेखक : अरुण तिवारी बाढ़ के कारणों पर चर्चा के शुरु में ही एक बात साफ कर देनी जरूरी है कि बाढ़ बुरी नहीं होती; बुरी होती है एक सीमा से अधिक उसकी तीव्रता तथा उसका जरूरत से ज्यादा दिनों तक टिक जाना। बाढ़, नुकसान से ज्यादा नफा देती है।   “वे…

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