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पानी प्रणय पक्ष

लेखक : अरुण तिवारी आतुर जल बोला माटी सेमैं प्रकृति का वीर्य तत्व हूं,तुम प्रकृति की कोख हो न्यारी।इस...

मैं देवदार का घना जंगल

लेखक: अरुण तिवारी मैं देवदार का घना जंगल,गंगोत्री के द्वार ठाड़ा,शिवजटा सा गुंथा निर्मलगंग की इक धार देकर,धरा को...

स्वामी सानंद इसलिए चाहते थे अविरल गंगा

अरुण तिवारी गंगा की अविरलता की मांग को पूरा कराने के लिए स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने अपने प्राण तक...

उमा जी सामने होती, तो गर्दन पकङ लेता : स्वामी सानंद

प्रस्तोता: अरुण तिवारी (यह प्रस्तुति, इसी जुलाई के दूसरे सप्ताह में स्वामी सानंद से हुई बातचीत के अंशों पर...

क्यों है खास चातुर्मास ?

लेखक: अरुण तिवारी चातुर्मास का मतलब है, आषाढ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से लेकर कार्तिक मास...
आज का लेख, जलतरंग, पानी लेख, प्रकृति लेख
पानी प्रणय पक्ष
आज का लेख, जलतरंग, प्रकृति लेख
मैं देवदार का घना जंगल
आज का लेख, नदी लेख
स्वामी सानंद इसलिए चाहते थे अविरल गंगा
आज का लेख, नदी लेख, संवाद
उमा जी सामने होती, तो गर्दन पकङ लेता : स्वामी सानंद
आज का लेख, प्रकृति लेख, समय विशेष
क्यों है खास चातुर्मास ?
आज का लेख, नदी लेख

यकायक इतनी चुनावी अछूत कैसे हो गई गंगा माई ?

लेखक : अरुण तिवारी  लोकसभा चुनाव – 2014 में नरेन्द्र भाई मोदी ने गंगा को मां बताया था। आज मां गंगा की कोई चर्चा नहीं है; न मोदी जी के भाषण में, न उमा भारती जी की उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनने की उड़ान में। इस बार मोदी जी ने…

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अरुण के आंचल में खुशबू खज़ाना

लेखक  : अरुण तिवारी उगते सूरज का प्रदेश, सर्वाधिक क्षेत्रीय बोलियों वाला प्रदेश, भारत के तीसरा विशाल राष्ट्रीय पार्क (नाम्दाफा नेशनल पार्क ) वाला प्रदेश जैसे भारतीय स्तर के कई विशेषण अरुणाचल प्रदेश के साथ जुडे़ हैं, लेकिन अरुणाचल प्रदेश के लिए जो विशेषण सबसे खास और अनोखा है, वह है, यहां…

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आज का लेख, पानी लेख

हम हवा-पानी सोखन लगे, तो को कर सकै उद्धार

हर्ष की बात है कि विश्व नमभूमि दिवस – 2017 से ठीक दो दिन पहले ऑस्ट्रेलिया सरकार ने 15 लाख डाॅलर की धनराशि वाले ’वाटर एंबडेंस प्राइज’ हेतु समझौता किया है। यह समझौता, भारत के टाटा औद्योगिक घराने और अमेरिका के एक्सप्राइज़ घराने के साथ मिलकर किया गया है।    विषाद का विषय है कि…

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आज का लेख, समय विशेष, संवाद

तालाब जितने सुंदर व श्रेष्ठ होंगे, अनुपम की आत्मा उतना सुख पायेगी – राजेन्द्र सिंह

अनुपम स्मृति प्रस्तुति: अरुण तिवारी हम सभी के अपने श्री अनुपम मिश्र नहीं रहे। इस समाचार ने खासकर पानी-पर्यावरण जगत से जुडे़ लोगों को विशेष तौर पर आहत किया। अनुपम जी ने जीवन भर क्या किया; इसका एक अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अनुपम जी के प्रति…

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a river
नदी लेख

जन जुङे, तब विनाश रुके

अभी लोग सोचते हैं कि नदियां सरकार की हैं। समस्या का समाधान भी सरकार ही करेगी। यह सोच ही समाधान के मार्ग में सबसे बङी बाधा है। यह सोच बदलनी होगी। सोच बदली तो ये लोग ही सरकारों को बता देंगे कि तात्कालिक योजना बाढ राहत की जरूर हो, लेकिन…

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आज का लेख, पानी लेख

सत्यमेव जयते वाटर कप के बारे में एक वृतचित्र – दुष्काल दोन हात ( द बैटल अगेंस्ट ड्रॉट )

( पानी के लिए लोगों को जोड़ने के लिए आमिर खान के नेतृत्व में किया गया एक अनूठा प्रयोग )प्रेषक – पानी फाउंडेशन टीम  From: Paani Foundation <paanifoundation@paanifoundation.in>Date: Fri, Sep 2, 2016 at 4:09 PM Dear all, Hope you’re doing very well. As you might know, the core team of Satyamev Jayate has…

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आज का लेख, नदी लेख

बाढ़ नहीं, इसकी तीव्रता व टिकाऊपन से डरें

लेखक : अरुण तिवारी बाढ़ के कारणों पर चर्चा के शुरु में ही एक बात साफ कर देनी जरूरी है कि बाढ़ बुरी नहीं होती; बुरी होती है एक सीमा से अधिक उसकी तीव्रता तथा उसका जरूरत से ज्यादा दिनों तक टिक जाना। बाढ़, नुकसान से ज्यादा नफा देती है।   “वे…

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आज का लेख, नदी लेख

एक चिट्ठी, धर्माचार्यों के नाम

संदर्भ: मूर्ति विसर्जन पर प्रधानमंत्री जी  के मन की बात 01-09-2016 सभी आदरणीय धर्माचार्यों को प्रणाम।  मूर्ति विसर्जन से नदी प्रदूषण के मसले को लेकर ’मन की बात’ कहते हुए प्रधानमंत्री जी ने प्लास्टिक आॅफ पेरिस की बनी मूर्तियों का इस्तेमाल न करने का जो आहवा्न किया है, निश्चित ही वह प्रशंसनीय है,…

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आज का लेख, समय विशेष

हमारी आज़ादी : कितनी पूरी, कितनी अधूरी

लेखक: अरुण तिवारी{ स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामना सहित पानी पोस्ट टीम की ओर से विशेष निवेदन } हासिल स्वतंत्रता, किसी के लिए भी निस्संदेह एक गर्व करने लायक उपलब्धि होती है और स्वतंत्रता दिवस, स्वतंत्रता दिलाने वालों की कुर्बानी को याद करने व जश्न मनाने का दिन । एक देश के लिए उसका…

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जल सुरक्षा अधिकार विधेयक (प्रारूप) का हिंदी-अंग्रेजी दस्तावेज़

( विदित हो कि वर्तमान जल संकट के मद्देनजर श्री शशिशेखर जी ( माननीय सचिव, केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवम् गंगा पुनरोद्धार मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली )...

सूखा राहतराज बनाम स्वराज

लेखक: अरुण तिवारी सूखा राहत पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा 11 सूखा पीङित राज्यों को दिए गये नोटिस, स्वराज अभियान की याचिका तथा सुधार के सुझावों का विश्लेषण करता लेख   यह...