आज का लेख, जलतरंग, समय विशेष

नव वर्ष 2019 की हार्दिक शुभकामना

अन्धकार की बातें करते बीत गए यूं साल भतेरे। तुमने जाने क्या सोचा है
मैंने तो बस यह सोचा है
एहसासों की दुनिया में मैं
अब कदम रखूंगा धीरे-धीरे।
नई कहानी कुछ लिख दूंगा
कुछ लिखूंगा पानी-सानी
राहगीर बन कुछ लिख दूंगा
इस जमीर पर नई दीवानी।
कोई जाने या न माने
नहीं रखूंगा कलम पैताने …

तुमने भी कुछ सोचा होगा
तुम भी रुस्तम छिपे घनेरे
अपनी खातिर नहीं सही पर
मेरी खातिर ही बतलाओ

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