जैसे ठंडे इलाकों में फल-सब्जी को कांच के बने कमरों मंे उगाया जाता है। कांच सूरज की किरणों को अंदर तो आने देता है, किंतु उसकी गर्मी की तत्काल वापसी नहीं जाने देता। यही काम ए सी, फ्रिज आदि करते हैं। इनकी वजह से कार्बन डाई आॅक्साइड तथा मीथेन जैसी गैसों का उत्सर्जन होता है। ये गैसें, वायुमंडल में एक चादर बना लेती हैं। इनकी वजह से सूरज की किरणों के साथ वायुमंडल में आई पराबैंगनी रेडियोधर्मी किरणें वापस अंतरिक्ष में नहीं लौट पाती और पृथ्वी पर बने रहकर वे पृथ्वी के औसत तापमान में वृद्धि करती हैं। इसे ही ’ग्रीन हाउस इफेक्ट’ कहते हैं। 
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संकलन: पानी पोस्ट टीम