हिंडन-यमुना-गंगा पंचायत का निर्णय
दिनांक 11 जून, 2015

1. संदर्भ: गंगा के प्रवाह में प्रदूषित पानी की आवक औसतन 700 क्युसेक है; जबकि यदि पूरी क्षमता के साथ वर्षा जल संचयन की कोशिश की जाये, तो गंगा में सतत् प्रवाह की मात्रा को 50 हजार क्युसेक तक बढाया जाना संभव है। उक्त तथ्य को आधार बनाकर श्री दीपक सिंघल (प्रधान सचिव – सचिव, सिंचाई एवम् जल संसाधन विभाग, उ. प्र. शासन) ने पंचायत को यह बताने की कोशिश की कि नदियों में ताजे जल की मात्रा बढाना, प्रदूषण का एक कारगर समाधान है। उ. प्र. शासन प्राथमिकता पर यह कार्य करना चाहता है।

निर्णय संख्या-एक………

DOCUMENT of HINDON-YAMUNA- GANGA PANCHAYAT DECISION – 11 June, 2015

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 संकलन: पानी पोस्ट टीम