लेखक: अरुण तिवारी

गंगा को लेकर मन में उठे 51 प्रश्न और उत्तर में सिर्फ एक वाक्य को यहां प्रस्तुत कर रहा हूं। आशा है कि पाठक इससे सहमत होंगे।
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51 गंगा प्रश्न

  1. क्यों कहा गया कि ’गं अव्ययं गमयति इति गंगा’ अर्थात जो स्वर्ग को जाये, वह गंगा है ?
  2. श्री कृष्ण ने क्यों कहा – ’स्त्रोतसामस्मि जाह्नवी…’ अर्थात नदियों में मैं गंगा हूँ ?
  3. मृत्यु के समय व्यक्ति के मुख में गंगाजल डालने और गंगा में अस्थि विसर्जन का विधान क्यों है ? 
  4. कूटनीति और राजनीति के महान विशेषज्ञ आचार्य चाणक्य ने क्यों कहा कि जब संकट की घङी आये, तब गंगा की पूजा करें।
  5. दुनिया में एक से एक सुंदर, साफ और विशाल नदियां हैं: नील, वोल्गा, टेम्स, ओटावा…; लेकिन किसी के भी साथ दुनिया का इतना गहरा सांस्कृतिक रिश्ता क्यों नहीं है, जितना कि भारतीयों का गंगा के साथ ?
  6. गुणवत्ता में तमाम गिरावट के बावजूद, आज भी कोई क्यों विश्वास करने को तैयार नहीं है कि गंगाजल अक्षुण्ण नहीं हैं ?
  7. क्यों कहा गया कि गंगा के समान कोई तीर्थ नहीं ?
  8. क्यों गंगा के किनारे 350 करोङ तीर्थों की परिकल्पना की गई ?
  9. महाभारत युद्ध के पश्चात् निर्वाण बोध होने पर पाण्डु पुत्रों ने गंगा मूल के हिमक्षेत्र में ही क्यों अपना भविष्य देखा ?
  10. कुछ लोग गंगा को सिर्फ हिंदू आस्था का केन्द्र मानते हैं; बावजूद इसके बादशाह अकबर ने गंगाजल को अमृत क्यों कहा ?
  11. क्यों सुल्तान मुहम्मद तुगलक और औरंगजेब ने गंगाजल को अविशिष्ट माना और खास मानकर अपने इस्तेमाल में लिया ?
  12. पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक लोकगीत में क्यों कहा गया – ’’अल्लाह मोरे अई हैं, मुहम्मद मोरे अई हैं। आगे गंगा थामली, जुमना हिलोरे लेयं। बीचे मां खङी बीवी फातिमा, उम्मत बलैंया लेय,….. दूल्हा बने रसूल।’’
  13. 644 ईस्वी में जब प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग जब हिंदुस्तान आये, तो उन्होने सम्राट हर्षवर्धन से गंगा कुंभ देखने का विशेष इच्छा जाहिर की। आखिर क्यों ?
  14. सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के शुभारम्म हेतु पाटलिपुत्र में गंगा और उसके रानी घाट को ही क्यों चुना ?
  15. सम्राट अशोक ने गंगा किनारे ही बोधिवृक्ष की शाखा अपनी पुत्री संघमित्रा को सौंपी क्यों ?
  16. सम्राट अशोक ने संघमित्रा को गंगा प्रवाह मार्ग से ही ताम्रलिपि नामक बंगाल की एक जगह होते हुए श्रीलंका भेजने का निर्णय क्यों लिया ?
  17. महात्मा बुद्ध ने क्यों कहा था कि गंगा का किनारे स्थित पाटलिपुत्र एक दिन आर्य भारत के व्यापार और आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केन्द्र बनेगा ? 
  18. यही पाटलिपुत्र, एक दिन बौद्ध और जैन धर्म के विकास का केन्द्र भी बना। आखिरकार क्यों ?
  19. वाल्मीकि और तुलसीदास, यमुना की गोदी में जन्मे; फिर भी रामायण और रामचरित मानस की रचना गंगा की गोदी में बैठकर क्यों की ?  गौर कीजिए कि बिठूर में गंगा और तमसा के मध्य स्थित वाल्मीकि आश्रम में रामायण की रचना हुई और बनारस के अस्सी घाट पर रामचरित मानस की।
  20. महर्षि  व्यास ने गंगा किनारे हिमालय के शांत वनों में बैठकर ही पुराण रचे। आदिगुरु शंकराचार्य ने गंगा किनारे ही गंगाष्टक रचा। जगन्नाथ की ’गंगालहरी’ यहीं अमर हई। क्यों ?
  21. रामानुज, वल्लभाचार्य, रामानन्द और चैतन्य.. सभी ने गंगा की महिमा के गीत गाये। क्यों ?
  22. संत कबीर के लहरतारा गांव को भला कौन भूल सकता है! कबीर जन्मे भी गंगा के किनारे और कबीरा की तान भी यहीं से पूरी दुनिया में गूंजी। क्यों ?
  23. संत रैदास ने क्यों कहा – ’’मन चंगा, तो कठौती में गंगा’’ ?
  24. 15वीं शताब्दी में दक्षिण भारत के विद्वान कुमार गुरुपाद ने शैव सिद्धान्त की रचना, गंगा के केदार घाट पर बैठकर ही क्यों की ?
  25. कर्नाटक संगीत के स्थापना पुरुष मुत्तुस्वामी दीक्षित ने भी ’राग झूंझूती’ की रचना के लिए गंगा का ही तट क्यों चुना ?
  26. गंगा किनारे की कभी मगध के महामंत्री कौटिल्य द्वारा अर्थशास्त्र लिखा गया और चाणक्य की कूटनीति ने ख्याति पाई। क्यों ?
  27. महाकवि की कोई रचना, गंगा और हिमालय के उल्लेख के बिना क्यों पूरी नहीं होती ?
  28. हिंदी के महान उपन्यासकार प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ रचनायें, उनके गंगा प्रवास के दौरान ही जन्मी। क्यों ?
  29. आर्यसमाज के प्रणेता महर्षि दयानन्द ने अपने चिन्तन प्रवास का मुख्य स्थान, नरोरा के राजघाट को ही क्यों चुना ?
  30. पटना साहिब की गंगा किनारे स्थापना का सिख अनुयायियों के लिए खास महत्ता है। क्यों ?
  31. बनारस, गंगा किनारे का अत्यंत प्राचीन शहर है। छोटी-संकरी गलियां, पुरानी ढलती इमारतें और अव्यवस्थित बसावट के बावजूद यह शहर आज भी महत्वपूर्ण क्यों बना हुआ है ?
  32. क्यों गुरु गौङपाद ने शंकराचार्य को गंगा किनारे  वाराणसी आने को कहा। गौर कीजिए कि वहीं पहुंचकर उन्होने एक चांडाल में महेश्वर का रूप देखा और ’मनीषा पंचगम’ के पांच श्लोकों में पूरा जीवन सार ही कह दिया। क्यों ?
  33. सोचिए कि क्यों भारत का बङे आंदोलनों, बङी आध्यात्मिक अथवा परिवर्तनकारी शख्सियतों का गंगा किनारे आना, निर्णायक साबित हुआ ?
  34. उत्तर प्रदेश की राजधानी, लखनऊ जरूर है, किंतु उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक और शैक्षिक शक्ति का केन्द्र आज भी गंगा किनारे बसे नगर इलाहाबाद और बनारस ही हैं। सोचिए कि क्यों ?
  35. गौतम बुद्ध और महावीर जैसे  महान ज्ञानी युगपुरुषों को भी विद्या लाभ के लिए कभी गंगा किनारे वाराणसी ही आना पङा। क्यों ? 
  36. प्रसिद्ध बांग्ला रचनाकार गुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर ताउम्र बंगाल में रहे, किंतु उनकी रचनायें भी बनारस की गलियों से अछूती नहीं रही। क्यों ? 
  37. आचार्य वाग्भटट् द्वारा एक हकीम से आयुर्विज्ञान की शिक्षा पाने और फिर इसकी 12 शाखााओं का विकास को केन्द्र बिंदु भी गंगा का किनारा क्यों बना ?
  38. प्रश्न है कि ज्ञानार्जन के श्रेष्ठ केन्द्रों के रूप में गंगा किनारे के नालंदा, काशी और इलाहाबाद विश्वविद्यालयों को जितनी प्रतिष्ठा हासिल हुई, उतनी शायद ही भारत के किसी और नदी के तट पर स्थित विश्वविद्यालय को हुई हो। क्यों ? गौर कीजिए कि प्रयाग में आनन्द भवन के सामने आज भी वाल्मीकि शिष्य भारद्वाज आश्रम के अवशेष हैं, जो स्वयं में कभी एक विश्वविद्यालय ही था।
  39. गंगा तो सिर्फ उत्तर भारत की जीवनदायिनी धारा है, फिर दक्षिण के महाबलीपुरम के मूर्तिकारों ने वहां गंगा की मूर्तियां क्यों रची ?
  40. कहते हैं कि पंडित जवाहरलाल नेहरु तो निरीश्वरवादी थे। उन्होने कभी गंगा में स्नान-पूजा कर पुण्य कमाने की लालसा नहीं की। मृत शरीर की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने का भी उनके लिए कोई धार्मिक महत्व नहीं था; फिर उन्होने अपनी वसीयत में अपनी अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने की बात क्यों लिखी ?
  41. पंडित नेहरु ने चिट्ठी चाहे एडवर्ड थाॅमसन को लिखी  हो या नैनी जेल से अपनी बेटी इंदिरा को, वह गंगा के बारे में लिखना नहीं भूले। क्यों ? 
  42. आजादी के बाद भारत विभाजन का कष्ट समेटने महात्मा गांधी, हुगली के नामकरण वाली गंगा के सागर संगम क्षेत्र में स्थित नोआखाली ही गये। क्यों ? 
  43. गो, गीता और गायत्री के अलावा जिस चैथे आधार को मानव मुक्ति का द्वार कहकर पुकारा गया, वह एकमात्र गंगा ही है। क्यों ?
  44. सिर्फ गंगा किनारे ही प्रतिवर्ष माघ मेला जोङने की परम्परा है। क्यों ?
  45. ख्यातिनाम शहनाई वादक स्व. उस्ताद बिस्मिल्लाह खां ने क्यों कहा कि गंगा और संगीत, एक-दूसरे के पूरक हैं ?
  46. हमारी मान्यताओं में हरिद्वार, स्वर्ग का द्वार कहा गया और उत्तराखण्ड, स्वर्ग। प्रश्न यह है कि उत्तराखण्ड से और भी नदियां निकलती हैं, किंतु गंगा को ही ’सुरसरि’ क्यों कहा गया ?
  47. क्यों नहीं कोई अन्य धारा, सभी युगों में इतनी पूज्य और महिमायुक्त हुई ?
  48. क्यों नहीं किसी और नदी को भारतीय संस्कृति का आधार माना गया ?
  49. क्यों नहीं कोई और नदी, दुनिया में भारतीय अस्मिता की पहचान बन सकी ?
  50. क्यों नहीं, किसी और नदी के तट पर भारतीय धर्म, साहित्य, रचना, ज्ञान और पुरुषार्थ का ऐसा समग्र इतिहास मिलता, जितना कि गंगा के तट पर ?
  51. क्यों कहते हैं कि दुनिया में बहुत सी नदियां हैं, किंतु गंगा जैसे जल और श्रेष्ठ जैव विविधता वाला कोई नहीं ?
एक उत्तर
मेरे विचार से इन 51 क्यों का उत्तर एक ही है – 
“…क्योंकि गंगा सिर्फ एक नदी नहीं है।”
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