फोटो एवम् जानकारी स्त्रोत : आर. के. गुप्ता – सहायक अभियंता (लघु सिंचाई), प्रतापगढ़, उ.प्र.

पानी के बिना जीवन सम्भव नही – मुख्य विकास अधिकारी

हर वर्ष की तरह उत्तर प्रदेश शासन इस  वर्ष भी भूजल सप्ताह मना रहा है। 16 से 22 जुलाई के इस सप्ताह में प्रदेश में प्रत्येक जिले में गोष्ठियों आदि का आयोजन किया जाता है। इसी के तहत् 20 जुलाई, 2016 को प्रतापगढ़ ज़िले के लघु सिंचाई विभाग ने भी भूजल संगोष्ठी का आयोजन किया। विकास भवन में आयोजित भूजल संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए मुख्य विकास अधिकारी श्री महेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि पानी के बिना जीवन की सम्भावना न के बराबर है, अतः इसे जीवन की मूलभूत आवश्यकता मानकर संवेदनशीलता के साथ इसका संरक्षण व सदुपयोग होना चाहिए।

अपनी कर्मशीलता से बेपानी समाज भी पुनः पानीदार बन सकता है – समाजशेखर

बकुलाही पुनरोद्धार अभियान के संयोजक श्री समाजशेखर ने मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए खेती की बेहतरी और पेयजल संकट से मुक्ति हेतु जल संचयन और सरंक्षण को अनिवार्य बताया। उन्होने कहा कि तभी पानी भी होगा, तरक्की होगी और सभी खुशहाल रह सकेगें। समाज चाहे तो अपनी कर्मशीलता से पुनः पानीदार बन सकता है; आवश्यकता है, तो बस साझा प्रयास करने की।


भूजल उन्नयन में लगे किसान: सहायक अभियन्ता

सहायक अभियन्ता श्री आर. के गुप्ता ने कहा कि जल प्रकृति का वरदान है। इसी से सभी का जीवन सम्भव होता है।  इसे सुरक्षित करने की आवश्यकता है। अतः किसानों को भूगर्भ जल बढ़ाने के उपाय करने चाहिए ।

चमरौधा नदी से पहल का साझा निर्णय

लघु सिंचाई विभाग के नवागत सहायक अभियन्ता राजेश कुमार गुप्ता  और वार्ताकर समाजशेखर ने सभी के साथ मिलकर तय किया कि जनपद के सभी जल स्रोतों तथा नदियों को पुर्नजीवित कर जल स्तर उपर उठाया जायेगा। पहल के रूप में संण्डवाचन्द्रिका विकासखण्ड की चमरौधा नदी को चुना गया। तय हुआ कि चमरौधा नदी के पुनरोद्धार हेतु शीघ्र ही भ्रमण कर कार्ययोजना बनाई जायेगी।

मौके पर मौजूद पूर्व ब्लाक प्रमुख श्री लालबहादुर सिंह ने स्थानीय सहयोग देने हेतु आश्वस्त किया। उन्होने नदी के पूर्व में बनाये चेकडैम से जल स्तर में हुई वृद्धि आदि की जानकारी भी दी।

166 खेत तालाब का लक्ष्य

भूमि संरक्षण अधिकारी ने जनपद में 166 खेत तालाब बनाने का लक्ष्य और उसके लिए किसानों को अनुदान के प्रावधान की जानकारी देते हुए बताया कि ’पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किसानों को अनुदान दिया जायेगा।

कार्यक्रम का संचालन अवर अभियन्ता श्रीमान श्रीप्रकाश सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन का दायित्व साहित्यकार श्री प्रेमलाल शुक्ल ने निभाया।

इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी श्री बी. के. सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता (सिंचाई), अधिशासी अभियन्ता (बिजली), उद्यान अधिकारी, नदी कार्यकर्ता श्री आलोक तिवारी, श्री गंगाराम पाण्डेय, श्री ओम मिश्रा, श्री राघवेन्द्र सिंह और श्री जयनाथ सरोज ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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