पुलिस ने की जबरदस्ती 

समाचार एवं फोटो स्त्रोत : matrisadan.worldpress.com

आश्रम में प्रशासन का बलपूर्वक प्रवेश

रविवार (28 May 2017) की संध्या पांच बजे हरिद्वार जिला प्रशासन के लोग भारी पुलिस बल साथ लेकर आश्रम में आये और ईंधन वाला कटर लेकर श्री गुरुदेव जी के पवित्र कक्ष का ग्रिल काटकर मुख्य दरवाज़ा से पहले मच्छरजाली दरवाज़ा को काटकर मुख्य दरवाजा को काटने लगे जिससे श्री गुरुदेव जी का पवित्र कक्ष धुआं से भर गया और श्री गुरुदेव सहित दो संतों का अंदर दम घुटने लगा, इसकी सूचना मौके पर मौजूद SDM हरिद्वार को दी गई उसके बाद भी वे लोग ऐसा करने से नहीं रुके, हत्या का प्रयास किया गया, मौका पर मौजूद थानाध्यक्ष कनखल को लिखित तहरीर दी पर वे रिसीव नहीं किये।
उनका इरादा श्री गुरुदेव की जीवन रक्षा की आड़ में गुरुदेव को फ़ोर्स फीड करने के लिए अस्पताल ले जाना था और जिस प्रकार स्वामी निगमानंद की हत्या की थी उसी प्रकार वे गुरुदेव की भी हत्या करना चाहते थे|
श्री गुरुदेव की तपस्या जारी है और आज (31 May 2017) उनकी तपस्या का आठवां दिवस है| जल के परित्याग का छठवां दिन

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मेन गेट के बाहर भारी पुलिस फ़ोर्स
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पुलिसकर्मी ग्रिल काटने को तैयार
कटर से ग्रिल काटते हुए
श्री गुरुदेव के कक्ष के बरामदे में
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श्री गुरुदेव के कक्ष के बाहर
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श्री गुरुदेव की तपस्या का 8वां और जल परित्याग का 6वां दिन

 

 

शासन से सकारात्मक कदम की अपेक्षा में जारी पत्र 

 

जन आंदोलनो का राष्ट्रीय समन्वय, उत्तराखंड        
कंडी खाल, पो0 आ0 कैम्पटी वाया मसूरी, टिहरी गढवाल, उत्तराखंड   09718479517, 9927145123
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31,अप्रैल, 2017

सेवा में,
मुख्यमंत्री उत्तराखंड
सचिवालय,
देहरादून, उत्तराखंड

विषयः मातृसदन के संस्थापक स्वामी शिवानन्द सरस्वती जी की मांग के अनुसार हरिद्वार के कुम्भ क्षेत्र में गंगा में खनन रोका जाये

मान्यवर

आपको ज्ञात ही होगा की हरिद्वार में गंगा के प्रति समर्पित संत मातृसदन के संस्थापक स्वामी शिवानन्द सरस्वती जी वर्षाे से हरिद्वार के कुम्भ क्षेत्र में गंगा में खनन रोकने की मांग कर रहे है। विभिन्न केसों में अदालतों ने गंगा में खनन रोकने के आदेश दिए है। सरकार को सही समझ देने के लिए वे लगातार अहिंसक मार्गों द्वारा कठिन तप करते रहें। आज उनके उपवास का 8  वां दिन है। उनके शिष्य के उपवास के आग्रह को शासन न द्वारा न सुने जाने के बाद अब स्वयं उपवास पर हैं। 6 दिन से उन्होने जल भी नही लिया है।

उनके स्वास्थ्य की चिंता का झूठा बहाना दिखाकर स्वामी शिवानन्द को अनशन स्थल से उठाने के लिए हरिद्वार के नगर मजिस्ट्रेट जय भारत सिंह रावत भारी संख्या में पुलिस बल के साथ आश्रम में पहुंचे। तार-बाड़ कटकर पुलिस का अमला आश्रम के भीतर घुसा और अपने कमरे में अनशन करने वाले स्वामी को बहार निकालने के लिए पुलिस ने जबरन ड्रिल मशीन से कमरे का दरवाजा कटा। स्वामी शिवानन्द जी ने अपना हाथ आगे बढ़ा कर उसे रोका। स्वामी जी के शिष्यों के पुरजोर विरोध और चार-पांच घंटे की कड़ी मशक्क्त के बाद ही पुलिस स्वामी शिवंानद जी को जबरन उठाने के दुष्कर्म से पीछे हटी।

वर्षाे से उनका आश्रम गंगा की खनन के खिलाफ आन्दोलनरत रहा है। उनके शिष्य स्वामी निगमानंद जी का भी बलिदान आपको याद होगा ही।

विभिन्न सरकारों के बदलने के बावजूद गंगा में खनन की स्तिथि में कोई बदलाव नहीं आया है। उच्च न्यायालय, नैनीताल ने अपने आदेश में गंगा के क्षरण होते स्वास्थ्य पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। आपकी सरकार ने माननीय उच्च न्यायालय के खनन विरोधी आदेश का पालन न करते हुए सर्वाेच्च न्यायालय का रुख किया। आपकी सरकार का तर्क था की हजारों परिवारों की आजीविका खनन से जुडी है। सर्वाेच्च न्यायालय ने फ़िलहाल उच्चन्यायालय के रोक आदेश के खिलाफ स्थगनादेश दिया है। इससे खनन का रास्ता कुछ समय के फिर खुल ज़रूर गया है, किंतु क्या गंगा और उत्तराखण्ड के हित के लिए यह उचितहै ?

किन्तु सर्वोच्च न्यायालय का यह आदेश गंगा के कुंभ क्षेत्र के आदेश पर लागू नही होता है। दोनो ही अलग संदर्भ में है।

ज्ञात्वय है कि गंगाजी में एक भी पत्थर और बोल्डर ऊपर से लुढ़ककर नहीं आता है, इस सम्बन्ध में केंद्रीय पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की दो जांच रिपोर्ट पटल पर है जिसमें कहा गया है कि पत्थरों और बोल्डर की प्रतिपूर्ति असंभव है और यह भी कि 1998 में हुए खनन से बने गड्ढे अभी भी जैसे का तैसा ही है. इस सम्बन्ध में CPCB Delhi ने 6 दिसंबर 2016 को EP ACT 1986 की धारा 05 के तहत निर्देश गंगा के रायवाला से भोगपुर के बीच खनन बंद करने, अवैघ खनन रोकने और गंगा किनारे 5 किलोमीटर की दूरी तक संचालित स्टोन क्रेशरों को बंद करने का दिया था।

आपकी पार्टी ‘नमामि गंगा’ जैसे कार्यक्रमों को ला रही है तो क्या आप की सरकार गंगा के स्वास्थ्य को ख़राब करने वाले कार्यों पर पाबन्दी न लगाकर उन्हें संरक्षण देगी ?

गंगा के लिए समर्पित वयोवृद्ध संत की मांग उचित, न्यायालय द्वारा स्वीकृत, गंगा स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक है।

इसलिये हमारा निवेदन है कि गंगा के स्वास्थ्य और उसके स्वच्छ, अविरल प्रवाह के को ध्यान में रखते हुये आदरणीय स्वामी शिवानन्द सरस्वती जी की मांगों को माना जाए, जिससे की गंगा और स्वामी जी दोनों का स्वास्थ्य रक्षण हो सके।
आपसे तुरंत सकारात्मक कदम उठाने की अपेक्षा में …..  

विमलभाई
गोपाल सक्सेना,       मीना आगरी,       हरीश रतूड़ी

माटू जनसंगठन व जन आंदोलनो का राष्ट्रीय समन्वय 

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तरुण जोशी –  वन पंचायत संघर्ष मोर्चा;

मीरा – जन हक मंच;

जबर सिंह  – राष्ट्र सेवा दल

शीला व रेनू वर्मा – समता सैनिक दल

रुण तिवारी  – पानी पत्रकार 

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समर्थन में जन आंदोलनो का राष्ट्रीय समन्वय के देशभर के साथी

Medha Patkar, Narmada Bachao Andolan (NBA) and National Alliance of People’s Movements (NAPM)

Aruna Roy, Nikhil Dey and Shankar Singh – Mazdoor Kisan Shakti Sangathan (MKSS) and National Campaign for People’s Right to Information and NAPM

P.Chennaiah, Andhra Pradesh Vyavasaya Vruthidarula Union-APVVU and National Centre For Labour and NAPM-AP

Ramakrishnam Raju, United Forum for RTI and NAPM, AP

Meera Sanghamitra, NAPM Telangana-AP, 

Prafulla Samantara, – Lok Shakti Abhiyan & NAPM, Odisha; 

Lingraj Azad – Samajwadi Jan Parishad – Niyamgiri Suraksha Samiti, NAPM, Odisha; 

Binayak Sen and Kavita Srivastava, People’s Union for Civil Liberties (PUCL)

Sandeep Pandey, Socialist Party and NAPM, Uttar Pradesh

Maj Gen S.G.Vombatkere (Retd), Mysuru, NAPM, Karnataka

Gabriele Dietrich, Penn Urimay Iyakkam, Madurai and NAPM, TN; 

Geetha Ramakrishnan, Unorganised Sector Workers Federation, NAPM, TN; 

Arul Doss, NAPM Tamil Nadu

Arundhati Dhuru, Manesh Gupta – NAPM, UP; 

Richa Singh, Sangatin Kisan Mazdoor Sangathan, NAPM-UP

Vilayodi Venugopal, CR Neelakandan and Prof. Kusumam NAPM, Kerala

Sister Celia – Domestic Workers Union & NAPM, Karnataka; 

Anand Mazgaonkar, Krishnakant – Paryavaran Suraksh Samiti, NAPM Gujarat; 

Kamayani Swami, Ashish Ranjan – Jan Jagran Shakti Sangathan & NAPM Bihar; 
Mahendra Yadav – Kosi Navnirman Manch, NAPM Bihar; 

Sister Dorothy, NAPM Bihar

Dayamani Barla, Aadivasi-Moolnivasi Astivtva Raksha Samiti, NAPM Jharkhand

Dr. Sunilam and Adv. Aradhna Bhargava – Kisan Sangharsh Samiti  NAPM Madhya Pradesh

Bhupender Singh Rawat – Jan Sangharsh Vahini, NAPM, Delhi

Rajendra Ravi, Nanu Prasad, Madhuresh Kumar, Amit Kumar, Himnshi Singh, Uma Kapari, Zaved Mazumder, NAPM, Delhi

Faisal Khan, Khudai Khidmatgar, NAPM Haryana

J S Walia, NAPM Haryana; 

Kailash Meena, NAPM Rajasthan; 

Samar Bagchi, Amitava Mitra, NAPM West Bengal; 

Suniti SR, Suhas Kolhekar, Prasad Bagwe – NAPM, Maharashtra; 

Gautam Bandopadhyay, NAPM, Chhatisgarh

Anjali Bharadwaj, National Campaign for People’s Right to Information and NAPM

Kaladas Dahariya, RELAA, Chhatisgarh

Bilal Khan, Ghar Bachao Ghar Banao Andolan, Mumbai


 

 

मुख्यमंत्री से मिला प्रतिनिधमंडल

मसले की जानकारी के लिए डॉ.. हेमंत ध्यानी एवं अन्य द्वारा प्रेषित पत्र देखने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें :

New Doc 2017-05-27

 

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