Category

नदी लेख

आज का लेख, नदी लेख, समय विशेष

इन गंगा आरोपों की जांच ज़रूरी

15 दिसम्बर, 2019 से गंगा अनश्नरत् साध्वी पद्मावती के साथ हुई ताज़ा दुर्घटना निंदनीय है। मातृ सदन ने आरोप पहले भी लगाये हैं। क्या आवश्यक नहीं कि इनकी जांच हो और सच सामने लाया जाये ? गंगा सत्याग्रहियों की भी सुनो कोई  लेखक: अरुण तिवारी मातृ सदन (हरिद्वार) के गंगा…

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख

बहुत महंगा पड़ेगा गंगा से खिलवाड़Featured

गंगा हितैषी चार मांगों की पूर्ति हेतु स्वामी सानंद ने अपनी देह त्यागी। उन्ही मागों को सामने रखते हुए अब साध्वी पद्मावती 15 दिसम्बर से मातृ सदन, हरिद्वार में गंगा तप पर हैं। नींबू पानी, शहर और नमक पर शरीर कितने महीने चलेगा ? आज 31 जनवरी, 2020 को प्राप्त वीडियो के अनुसार,…

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख, पानी लेख, समय विशेष

बजट 2020 – 21 से जलाकांक्षा

कार्यकम – इनसाइट. चैनल – लोकसभा टी वी, तिथि – 24 जनवरी, 2020 एंकर – श्री पराक्रम सिंह शेखावत प्रतिभागी – सर्वश्री हिमांशु ठक्कर, मनोहर खुशलानी और अरुण तिवारी कृपया देखें और यदि उचित पाएं तो साझा करें.अपने सुझाव और प्रतिक्रिया से हमें भी अवगत कराएं. वीडियो लिंक “https://www.youtube.com/embed/CvDmnxI3Pmk” निवेदकपानीपोस्ट…

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख, समय विशेष

क्षमा करना मां गंगे, हमे धिक्कार है !Featured

गंगा दशहरा -12 जून, 2019 पर विशेष

हमें मां गंगा का राजा भगीरथ से कहा आज फिर से याद करने की ज़रूरत है, ”भगीरथ, मैं इस कारण भी पृथ्वी पर नहीं जाऊंगी कि लोग मुझमें अपने पाप धोयेंगे। मैं उस पाप को धोने कहां जाऊंगी ?”

राजा भगीरथ ने आश्वस्त किया था, ”माता, जिन्होने लोक-परलोक, धन-सम्पत्ति और स्त्री-पुरुष की कामना से मुक्ति ले ली है; जो संसार से ऊपर होकर अपने आप में शांत हैं; जो ब्रह्मनिष्ठ और लोकों को पवित्र करने वाले परोपकारी सज्जन हैं… वे आपके द्वारा ग्रहण किए गए पाप को अपने अंग स्पर्श व श्रमनिष्ठा से नष्ट कर देंगे।”
हम क्या कर रहे हैं ?

गंगा की सेहत की अनदेखी कर रही है, हम उनकी जय-जयकार कर रहे हैं।
जो गंगा की चिंता कर रहे हैं, हम उनसे दूर खडे़ हैं।

हम राजा भगीरथ को धोखा दे रहे हैं। क्या उसी कुल में पैदा हुए राजा राम खुश होंगे ?
गंगा आज फिर प्रश्न कर रही है कि वह मानव प्रदत पाप को धोने कहां जाए ?

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख, समय विशेष

मां गंगा जैसी कोई नहींFeatured

12 जून, 2019 – गंगा दशहरा पर विशेष

यह है गंगा का गंगत्व; भारतीय संतानों के लिए मां गंगा का योगदान।

अब दूसरा चित्र देखिए और सोचिए कि गंगा आज भी सुमाता है, किंतु क्या हम भारतीयों का व्यवहार माृतभक्त संतानों जैसा है ?

सच यह है कि गरीब से गरीब भारतीय आज भी अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा खर्च कर गंगा दर्शन को आता है, लेकिन गंगा का रुदन और कष्ट हमें दिखाई नहीं देता। गंगा के साथ मां का हमारा संबोधन झूठा है। हर हर गंगे की तान दिखावटी है; प्राणविहीन ! दरअसल हम भूल गये हैं कि एक संतान को मां से उतना ही लेने का हक है, जितना एक शिशु को अपने जीवन के लिए मां के स्तनों से दुग्धपान।

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख

क्या गंगा को सिर्फ चुनावी वाहन मानने वालों को अपना प्रतिनिधि चुनें ?

गंगा के सहारे चुनावी नौका पार करना, 2014 के प्रधानमंत्री पद के दावेदार श्री मोदी का एजेण्डा था। 2019 चुनाव में अब यह राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की अपील करने वाली प्रियंका गांधी का एजेण्डा है।

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख

गंगा शहीदों की मांगों पर संकल्प कब ?Featured

सरकार का यह रवैया दुःखद है। क्या गंगा और गंगा बलिदानियों को लेकर प्रधानमंत्री जी के रवैये को हम जायज़ कह सकते हैं ? मां गंगा और भारत माता को लेकर हुई शहादत-शहादत में फर्क करने के हमारा रवैया कितना जायज़ है ? मांग है कि हम चुप्पी तोडे़ं। हम समझें कि गंगा की अविरलता की मांग, गंगा की सुरक्षा से ज्यादा हमारी सेहत, रोज़ी-रोटी, भूगोल, आर्थिकी, आस्था और भारतीय अस्मिता की सुरक्षा से जुड़ी मांग है। इसीलिए मांग है कि हम मुखर हों और शासन-प्रशासन को गंगा तथा गंगा की सुरक्षा के प्रति अनशतरत् संतानों के प्रति संवेदनशील और ईमानदार होने को विवश करें।

Continue reading
Uncategorized, आज का लेख, जलतरंग, नदी लेख

पुलवामा घात में अमर हुए सी आर पी एफ के शहीदों को नमन करते हुए एक गंगा प्रश्न

उन को वंदन, उन पर क्रंदन,
बदला-बदले की आवाज़ें,
शत्-शत् करती मैं उन्हे नमन्,
पर इन पर चुप्पी कितनी जायज़,
खुद से पूछो, खुद ही जानो,
खुद का करतब पहचानो,
मैं गंगा तुम से पूछ रहीं…

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख

स्वामी सानंद इसलिए चाहते थे अविरल गंगा

अरुण तिवारी गंगा की अविरलता की मांग को पूरा कराने के लिए स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने अपने प्राण तक दांव पर लगा दिए। इसी मांग की पूर्ति के लिए युवा साधु गोपालदास आगे आये और अब इस लेख को लिखे जाने के वक्त तक मातृ सदन, हरिद्वार के सन्यासी आत्मबोधानन्द और…

Continue reading
Bitnami