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संवाद

आज का लेख, नदी लेख, पानी लेख, संवाद

देह के बाद अनुपम

लेखक: अरुण तिवारी जब देह थी, तब अनुपम नहीं; अब देह नहीं, पर अनुपम हैं। आप इसे मेरा निकटदृष्टि दोष कहें या दूरदृष्टि दोष; जब तक अनुपम जी की देह थी, तब तक मैं उनमें अन्य कुछ अनुपम न देख सका, सिवाय नये मुहावरे गढ़ने वाली उनकी शब्दावली, गूढ से गूढ़ विषय को कहानी की तरह पेश करने की उनकी…

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आज का लेख, संवाद

हरित न्याय का भारतीय नायक : पद्मश्री एम. सी. मेहता

लेखक: अरुण तिवारी मैने उनका बैंक बैलेंस नहीं देखा। न मैने उनकी बहस सुनी है और न अदालती मामलों में जीत-हार की सूची देखी है। मैंने सिर्फ उनकी सादगी और पर्यावरण के प्रति समर्पण देखा है। मैने उन्हे कई सभाओं में आकर अक्सर पीछे की कुर्सियों में बैठते हुए देखा है। पेंट से बाहर लटकती सादी कमीज़, हल्की सफेद दाढ़ी,…

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आज का लेख, समय विशेष, संवाद

तालाब जितने सुंदर व श्रेष्ठ होंगे, अनुपम की आत्मा उतना सुख पायेगी – राजेन्द्र सिंह

अनुपम स्मृति प्रस्तुति: अरुण तिवारी हम सभी के अपने श्री अनुपम मिश्र नहीं रहे। इस समाचार ने खासकर पानी-पर्यावरण जगत से जुडे़ लोगों को विशेष तौर पर आहत किया। अनुपम जी ने जीवन भर क्या किया; इसका एक अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अनुपम जी के प्रति श्रृ़द्धांजलि सभाओं के आयोजन का दौर इस संवाद को लिखे…

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Rajendra-SIngh
आज का लेख, संवाद

जलपुरुष ने तोड़ी चुप्पी – ”यह सरकार सुनती ही नहीं, तो हम क्या बोलें ?’’

प्रस्तोता: अरुण तिवारी   ”केन-बेतवा लिंक बुंदेलखण्ड को बाढ़-सुखाड़ में  फंसाकर मारने का काम है।”   ”विकेन्द्रित जल प्रबंधन ही बाढ़-सुखाड़ मुक्ति का एकमात्र उपाय है।”   ”रचना ही वह विकल्प है, जो समता की लड़ाई में गरीबों को आगे लेकर आयेगा।” ……………………………………………………………………………………………………………………………………………………………..   सुना  है कि पानी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार आजकल आपके मार्गदर्शन में काम रही है ?  …

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उमा जी सामने होती, तो गर्दन पकङ लेता : स्वामी सानंद

प्रस्तोता: अरुण तिवारी(यह प्रस्तुति, इसी जुलाई के दूसरे सप्ताह में स्वामी सानंद से हुई बातचीत के अंशों पर आधारित है )21वें कथन के साथ ‘स्वामी सानंद गंगा संकल्प संवाद श्रृंखला’ संपन्न हुई, तो अलग-अलग सवाल कई के मन में उठे; गांधी शांति प्रतिष्ठान के आदरणीय रमेश भाई, यमुना जिये अभियान के श्री मनोज मिश्र, नदियों के हालात से निराश डाॅ….

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अविवाहित सानंद की पारिवारिक दृष्टि

प्रस्तुति: अरुण तिवारी  प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई टी, कानपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रथम सचिव, चित्रकूट स्थित ग्रामोदय विश्वविद्यालय में अध्यापन और पानी-पर्यावरण इंजीनियरिंग के नामी सलाहकार के रूप में है, तो दूसरी पहचान गंगा के लिए अपने प्राणों को दांव…

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साधुओं ने गंगाजी के लिए क्या किया ? : स्वामी सानंद

प्रस्तुति: अरुण तिवारी प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई टी, कानपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रथम सचिव, चित्रकूट स्थित ग्रामोदय विश्वविद्यालय में अध्यापन और पानी-पर्यावरण इंजीनियरिंग के नामी सलाहकार के रूप में है, तो दूसरी पहचान गंगा के लिए अपने प्राणों को दांव पर…

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मेरा सबसे वाइड एक्सपोजर तो इंस्टीट्युशन्स के साथ हुआ: स्वामी सानंद

प्रस्तुति: अरुण तिवारी ( प्रो जी. डी. अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई. आई. टी., कानपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर, राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय के पूर्व सलाहकार, चित्रकूट स्थित ग्रामोदय विश्वविद्यालय में अध्यापन और पानी-पर्यावरण इंजीनियरिंग के नामी सलाहकार के रूप में है, तो दूसरी पहचान गंगा के लिए अपने प्राणों को…

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स्वामी सानंद: नौकरियां छोङी, पर दायित्वबोध नहीं

प्रस्तुति: अरुण तिवारी प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई टी, कानपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रथम सचिव, चित्रकूट स्थित ग्रामोदय विश्वविद्यालय में अध्यापन और पानी-पर्यावरण इंजीनियरिंग के नामी सलाहकार के रूप में है, तो दूसरी पहचान गंगा के लिए अपने प्राणों को दांव पर…

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छात्र जी डी की विद्रोही स्मृतियां

प्रस्तुति: अरुण तिवारी प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई टी, कानपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर, राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय के पूर्व सलाहकार, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रथम सचिव, चित्रकूट स्थित ग्रामोदय विश्वविद्यालय में अध्यापन और पानी-पर्यावरण इंजीनियरिंग के नामी सलाहकार के रूप में है, तो दूसरी पहचान गंगा…

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