Category

समय विशेष

आज का लेख, नदी लेख, समय विशेष

इन गंगा आरोपों की जांच ज़रूरी

15 दिसम्बर, 2019 से गंगा अनश्नरत् साध्वी पद्मावती के साथ हुई ताज़ा दुर्घटना निंदनीय है। मातृ सदन ने आरोप पहले भी लगाये हैं। क्या आवश्यक नहीं कि इनकी जांच हो और सच सामने लाया जाये ? गंगा सत्याग्रहियों की भी सुनो कोई  लेखक: अरुण तिवारी मातृ सदन (हरिद्वार) के गंगा…

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख, पानी लेख, समय विशेष

बजट 2020 – 21 से जलाकांक्षा

कार्यकम – इनसाइट. चैनल – लोकसभा टी वी, तिथि – 24 जनवरी, 2020 एंकर – श्री पराक्रम सिंह शेखावत प्रतिभागी – सर्वश्री हिमांशु ठक्कर, मनोहर खुशलानी और अरुण तिवारी कृपया देखें और यदि उचित पाएं तो साझा करें.अपने सुझाव और प्रतिक्रिया से हमें भी अवगत कराएं. वीडियो लिंक “https://www.youtube.com/embed/CvDmnxI3Pmk” निवेदकपानीपोस्ट…

Continue reading
आज का लेख, समय विशेष

नीचे आई रैंकिंग : आइये, गणतंत्र ज़मीनी हो जाए हम

हम 71 गणतंत्र दिवस मना चुके। समय आ गया है कि शांत मन से बैठकरअतीत के आइने में वर्तमान का विश्लेषण करें कि हम कैसा गणतंत्र हैं और हमें कैसा हो जाना है। इसी दृष्टि से प्रकाशित लेख: संवैधानिक भारत का लोकतांत्रिक सपना लेखक: अरुण तिवारी आज़ादी से पहले भारत…

Continue reading
Inspiration, पानी लेख, समय विशेष

दिल्ली चुनाव – 2020 – घोषणापत्रों में जनसहभाग महत्वपूर्ण

लेखक: अरुण तिवारी लोकतांत्रिक पिरामिड को सही कोण पर खड़ा करने के पांच सूत्र हैं: लोक-उम्मीदवार, लोक-घोषणापत्र, लोक-अंकेक्षण, लोक-निगरानी और लोक-अनुशासन। लोक-घोषणापत्र का सही मतलब है, लोगों  की नीतिगत् तथा कार्य संबंधी जरूरत व सपने की पूर्ति के लिए स्वयं लोगों द्वारा तैयार किया गया दस्तावेज। प्रत्येक ग्रामसभा व नगरीय वार्ड सभाओं…

Continue reading
आज का लेख, पानी लेख, समय विशेष

अटल भूजल योजना : लोकार्पण कार्यक्रम एवं परिचर्चा

26 दिसंबर, 2019 – अटल भूजल योजना के लोकार्पण अवसर पर प्रेस सूचना ब्यूरो द्वारा जारी हिंदी विज्ञप्ति का लिंक https://pib.gov.in/PressReleseDetail.aspx?PRID=1597573 अटल भूजल योजना के लोकार्पण कार्यक्रम का यूट्यूब वीडियो लिंक https://www.youtube.com/watch?v=5FlWycynuns लोकसभा टेलीविज़न ने लोकमंच कार्यक्रम के अंतर्गत अटल भूजल योजना पर परिचर्चा लिंक https://www.youtube.com/watch?v=0ldDQAkKoIo “भारत में पानी का संकट पर्यावरण…

Continue reading
आज का लेख, पानी लेख, समय विशेष

अटल भूजल योजना

25 दिसंबर को स्वर्गीय प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म तिथि मनाई गयी.इस मौके पर वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अटल भूजल योजना का लोकार्पण किया.लोकसभा टेलीविज़न ने लोकमंच कार्यक्रम के अंतर्गत अटल भूजल योजना पर एक परिचर्चा आयोजित की. इसमें राष्ट्रीय जल नीति सम्बन्धी समिति…

Continue reading
आज का लेख, समय विशेष

22 दिसंबर : अनुपम जयंती

अर्थमय जीवन में है जीवन का अर्थ
एक झोले में बसी खुश ज़िदगी
व्यवहार के त्यौहार सी वह जी गया
जब गया, नम्र सद्भावना सा
मृत्यु से भी दोस्ती सी कर गया
सबसे लम्बी रात का सुपना नया…

Continue reading
आज का लेख, समय विशेष

19 दिसंबर : अनुपम स्मृतिFeatured

नागरिकता संशोधन से उपजे असंयम के बीच  संयमी भाषा  के धनी श्री अनुपम मिश्र जी  की पुण्य तिथि पर विशेष  अनुपम साहित्य को खंगालने का वक्त जब देह थी, तब अनुपम नहीं; अब देह नहीं, पर अनुपम हैं। आप इसे मेरा निकटदृष्टि दोष कहें या दूरदृष्टि दोष; जब तक अनुपम जी की देह थी, तब…

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख, समय विशेष

क्षमा करना मां गंगे, हमे धिक्कार है !Featured

गंगा दशहरा -12 जून, 2019 पर विशेष

हमें मां गंगा का राजा भगीरथ से कहा आज फिर से याद करने की ज़रूरत है, ”भगीरथ, मैं इस कारण भी पृथ्वी पर नहीं जाऊंगी कि लोग मुझमें अपने पाप धोयेंगे। मैं उस पाप को धोने कहां जाऊंगी ?”

राजा भगीरथ ने आश्वस्त किया था, ”माता, जिन्होने लोक-परलोक, धन-सम्पत्ति और स्त्री-पुरुष की कामना से मुक्ति ले ली है; जो संसार से ऊपर होकर अपने आप में शांत हैं; जो ब्रह्मनिष्ठ और लोकों को पवित्र करने वाले परोपकारी सज्जन हैं… वे आपके द्वारा ग्रहण किए गए पाप को अपने अंग स्पर्श व श्रमनिष्ठा से नष्ट कर देंगे।”
हम क्या कर रहे हैं ?

गंगा की सेहत की अनदेखी कर रही है, हम उनकी जय-जयकार कर रहे हैं।
जो गंगा की चिंता कर रहे हैं, हम उनसे दूर खडे़ हैं।

हम राजा भगीरथ को धोखा दे रहे हैं। क्या उसी कुल में पैदा हुए राजा राम खुश होंगे ?
गंगा आज फिर प्रश्न कर रही है कि वह मानव प्रदत पाप को धोने कहां जाए ?

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख, समय विशेष

मां गंगा जैसी कोई नहींFeatured

12 जून, 2019 – गंगा दशहरा पर विशेष

यह है गंगा का गंगत्व; भारतीय संतानों के लिए मां गंगा का योगदान।

अब दूसरा चित्र देखिए और सोचिए कि गंगा आज भी सुमाता है, किंतु क्या हम भारतीयों का व्यवहार माृतभक्त संतानों जैसा है ?

सच यह है कि गरीब से गरीब भारतीय आज भी अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा खर्च कर गंगा दर्शन को आता है, लेकिन गंगा का रुदन और कष्ट हमें दिखाई नहीं देता। गंगा के साथ मां का हमारा संबोधन झूठा है। हर हर गंगे की तान दिखावटी है; प्राणविहीन ! दरअसल हम भूल गये हैं कि एक संतान को मां से उतना ही लेने का हक है, जितना एक शिशु को अपने जीवन के लिए मां के स्तनों से दुग्धपान।

Continue reading
Bitnami