Search Results

अनुपम

आज का लेख, समय विशेष, संवाद

तालाब जितने सुंदर व श्रेष्ठ होंगे, अनुपम की आत्मा उतना सुख पायेगी – राजेन्द्र सिंह

अनुपम स्मृति प्रस्तुति: अरुण तिवारी हम सभी के अपने श्री अनुपम मिश्र नहीं रहे। इस समाचार ने खासकर पानी-पर्यावरण जगत से जुडे़ लोगों को विशेष तौर पर आहत किया। अनुपम जी ने जीवन भर क्या किया; इसका एक अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अनुपम जी के प्रति…

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख, पानी लेख, प्रकृति लेख

समाज का प्रकृति एजेण्डा जगाती एक पुस्तक

पुस्तक का नाम: समाज, प्रकृति और विज्ञान लेखक:श्री विजयदत्त श्रीधर, श्री राजेन्द्र हरदेनिया, श्री कृष्ण गोपाल व्यास, डाॅ. कपूरमल जैन, श्री चण्डी प्रसाद भट्टसंपादक: श्री राजेन्द्र हरदेनियाप्रकाशक: माधवराव सप्रे स्मृति समाचारप संग्रहालय, एवम् शोध संस्थान, माधवराव सप्रे मार्ग (मेन रोड नंबर तीन), भोपाल (म.प्र.) – 462003संपर्क :  फोन: 0755-2763406 / 4272590,…

Continue reading
आज का लेख, प्रकृति लेख, समय विशेष

अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस २०१७ पर विशेष : जन जुड़ेगा तो बचेगा पर्यावरण

श्री अनुपम मिश्र जी और उनसे परिचय करती भेड़ें : यूँ जुड़े प्रकृति का हर अंग तो कुछ बात बने आदरणीय / आदरणीया,नमस्ते . अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस – 2017 का संयुक्त राष्ट्र संघ निदेशित वाक्य है – कनेक्ट विथ नेचर अर्थात प्रकृति से जुड़ें.इसके मायने को खोलता अरुण तिवारी लिखित लेख नवभारत टाइम्स के 05…

Continue reading
आज का लेख, पानी लेख, समय विशेष

एक जुलाई से तालाब-चारागाह मुक्ति हेतु साइकिल यात्रा

(आज भी खरे है तालाब, पर आदमी से डरे है तालाब )————————————————————————– सादर आमंत्रण  आदरणीय सम्मानित गाँधीवादी विचारक और पर्यावरणविद श्री अनुपम मिश्र जी / उनकी किताब ‘आज भी खरे है तालाब’ को समर्पित है यह साइकिल यात्रा.  बुंदेलखंड के जनपद बाँदा से एक जुलाई को छाबी तालाब मैदान में…

Continue reading
आज का लेख, प्रकृति लेख, समय विशेष

पृथ्वी दिवस पर विशेष – दो

भारतीय, इसलिए भी मनायें पृथ्वी दिवस लेखक : अरुण तिवारी यूं तो मैं सीधे-सीधे कह सकता हूं कि 22 अप्रैल-पृथ्वी दिवस, सिर्फ संयुक्त राष्ट्र संघ अथवा संयुक्त राज्य अमेरिका से जुङे संगठनों व देशों को पृथ्वी के प्रति दायित्व निर्वाह की याद दिलाने का मौका नहीं है; यह प्रत्येक जीव…

Continue reading
आज का लेख, समय विशेष

दिशा दिखाते नारी आंकङे

लेखक: अरुण तिवारी 8 मार्च – अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष निर्भया के साथ जो हुआ, वह दुखद है; काला धब्बा है, किंतु उसकी प्रतिक्रिया में जो हुआ, क्या वह वाकई इस बात की गारंटी है कि आगे से हर निर्भया, अपने नाम के अनुरूप भयरहित जीवन का पर्याय बन…

Continue reading
आज का लेख, संवाद

भिक्षा, जलत्याग और भागीरथी इको सेंसेटिव ज़ोन

प्रस्तुति: अरुण तिवारी प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई टी, कानपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर, राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय के पूर्व सलाहकार, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रथम सचिव, चित्रकूट स्थित ग्रामोदय विश्वविद्यालय में अध्यापन और पानी-पर्यावरण इंजीनियरिंग के…

Continue reading
आज का लेख

“उन्हे मुझसे सहानुभूति है, लेकिन गंगाजी से नहीं”: स्वामी सानंद

प्रस्तुति: अरुण तिवारी प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई टी, कानपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर, राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय के पूर्व सलाहकार, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रथम सचिव, चित्रकूट स्थित ग्रामोदय विश्वविद्यालय में अध्यापन और पानी-पर्यावरण इंजीनियरिंग के…

Continue reading
समय विशेष

10 दिसंबर-विश्व मानवाधिकार दिवस पर विशेष

लेखक: अरुण तिवारी मानवाधिकार के बहाने, जलाधिकार के मायने क्या गजब की बात है कि जिस-जिस पर खतरा मंडराया, हमने उस-उस के नाम पर दिवस घोषित कर दिए! मछली, गोरैया, पानी, मिट्टी, धरती, मां, पिता…यहां तक कि हाथ धोने और खोया-पाया के नाम पर भी दिवस मनाने का चलन चल…

Continue reading
समय विशेष

उम्मीद जगा गया भारत नदी दिवस 2015

लेखक: अरुण तिवारी तारीख – 28 नवबंर, 2015 ; मौका था दिल्ली में भारत नदी दिवस मनाने का। बाहर जलवायु परिवर्तन का रुदन था; नदी जोङ से विनाश की आशंका थी और नमामि गंगे को लेकर निराशा थी; किंतु 71, मैक्समूलर रोड स्थित इनटेक के छोटे से सभागार में एक…

Continue reading