एक ग़ज़ल, हमारी नदियां और तहज़ीबें
शायर : अरुण तिवारी कौन कहता है कि नदियों में पानी बहा करता है,मां जना इतना भी नहीं जानता किजहां ममता की लहरें उठती...
शायर : अरुण तिवारी कौन कहता है कि नदियों में पानी बहा करता है,मां जना इतना भी नहीं जानता किजहां ममता की लहरें उठती...