विश्व जल दिवस पर भारतीय जलगान
उमड़ता तू सिकुड़ता तू, तपता तू ही शीत बरखा, हवा का रुख बदलता तू, खुद का करके तू शोषण, नीर में मधु है तू भरता। पर प्यास में हर...
उमड़ता तू सिकुड़ता तू, तपता तू ही शीत बरखा, हवा का रुख बदलता तू, खुद का करके तू शोषण, नीर में मधु है तू भरता। पर प्यास में हर...
कह रहे हैं कि हम गंगा के सीने पर गंगा एक्सप्रेस-वे बना सकते हैं; हिमालय का सीना चीरकर चारधाम सड़क बना सकते हैं। हम...
कहते हैं कि शब्द ब्रह्म होते हैं ; कभी मरते नहीं. स्वर्गीय श्री अनुपम मिश्र जी को हम भूल भी जाएं, किन्तु उनके लिखे शब्द...
जब सफलता लिखते-लिखते प्रतियोगिता सिर उठाने लगे तो क्या होता है ? एक अलसुबह बोपचे की बकरियों के बाड़े में क्या हुआ ? ईशान...
बाढ़ के कारणों पर चर्चा के शुरु में ही एक बात साफ कर देनी जरूरी है कि बाढ़ हमेेशा बुरी नहीं होती; बुरी होती है एक सीमा...
पहला प्रसारण – 08 सितम्बर, 2022, रात्रि 9.30 बजे सुनने के लिए यूट्यूब लिंक कृपया सुने. उपयोगी और प्रेरक पाएं तो दूसरों को भी...
देखते ही देखते हिमनद ढहने लगा। ढहते-बहते हिमनद के संग नीर वाहिनियां भी दौड़ पड़ी। वेग, प्रबल आवेग में तब्दील हो गया। विहार करती...
जीवन देने को जन्मे हैं, जीवन देकर ये मिट जाते, जिस सागर से ये उठते हैं, उस सागर में लौट के जाते, इसीलिए सब इनको चाहते, जितने भूरे, उतने...
चौथी दुनिया में ही मैने सीखा कि संपादक को अपने पास आई हर रचना की स्वीकृति-अस्वीकृति का कारण सहित उत्तर देना चाहिए। संपादक को...