पानी के आइने में न्यू इंडिया – चार
कहते हैं, इन दिनों धरती बेहद उदास है। इसके रंजो-ग़म के कारण कुछ ख़ास हैं।
कहते हैं, इन दिनों धरती बेहद उदास है। इसके रंजो-ग़म के कारण कुछ ख़ास हैं।
अमेठी जनपद के रेल नीर का कार्यरत तथा कोका कोला शीतल पेय का मंजूर संयंत्र ऐसे प्रखण्डों में लगे हैं, जहां पहले ही भूजल...
अपनी गंगा को बांध-बांध सिर्फ बिजली बनाना याद हमें। वे कुंभ कहां ? भगीरथ हैं कहां ?? गंगा किससे फरियाद करे ? यह न्यू इंडिया है...
जो मरता था मार्च में, अब अक्तूबर में मरता है। यह बांदा का किसान है, नये भारत का निशान है। यह न्यू इण्डिया है...
मौसम की चुनौती घर खेत खा रही, मधुमक्खियां भी गांव छोड़ शहर को हैं जा रही। यह न्यू इण्डिया है....
कितना सुखद संयोग है! 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस के बहाने हम सब की अपनी एक नन्हीं घरेलू चिड़िया की चिन्ता; देशी माह...
उमड़ता तू सिकुड़ता तू, तपता तू ही शीत बरखा, हवा का रुख बदलता तू, खुद का करके तू शोषण, नीर में मधु है तू भरता। पर प्यास में हर...
कह रहे हैं कि हम गंगा के सीने पर गंगा एक्सप्रेस-वे बना सकते हैं; हिमालय का सीना चीरकर चारधाम सड़क बना सकते हैं। हम...
कहते हैं कि शब्द ब्रह्म होते हैं ; कभी मरते नहीं. स्वर्गीय श्री अनुपम मिश्र जी को हम भूल भी जाएं, किन्तु उनके लिखे शब्द...
जब सफलता लिखते-लिखते प्रतियोगिता सिर उठाने लगे तो क्या होता है ? एक अलसुबह बोपचे की बकरियों के बाड़े में क्या हुआ ? ईशान...