30 मई: हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर कुछ आपसीखी
चौथी दुनिया में ही मैने सीखा कि संपादक को अपने पास आई हर रचना की स्वीकृति-अस्वीकृति का कारण सहित उत्तर देना चाहिए। संपादक को...
चौथी दुनिया में ही मैने सीखा कि संपादक को अपने पास आई हर रचना की स्वीकृति-अस्वीकृति का कारण सहित उत्तर देना चाहिए। संपादक को...
अरुण तिवारी नदिया में मैं गंगा की धार बंधु,देह कालिया का हूं मैं मर्दनहार बंधु।लेना-देना मुझसे बस प्यार बंधु,ओ बंधु रे…. ओ मेरे यार...
नल जल योजना में स्रोत से लेकर गांव की हद तक पानी पहुंचाने का काम कंपनियों को सौंपा गया है. कोई गारंटी नहीं कि...
आदरणीय पाठक,नमस्ते. मेरठ के एक जल सम्मेलन में हम मिले. यह श्रीमान सिराज केसर से मेरी पहली मुलाकात थी. हम एक ही बस में...
शियर हो या इंसान, रिश्तें हों या चट्टान, यूं ही नहीं दरकता कोई। किसी पर इतना दाब हो जाए कि वह तनाव में...
यदि तंत्र खुद अपने द्वारा तय मानकों, आदेशों आदि की अनदेखी करने लगे और लोक को लालच हो जाए। ऐसे में नदियों के लोकतांत्रिक...