एक गीत, गंगा- यमुना जी को ‘जीवित माँ ‘ का कानूनी दर्जा
फिर तुम लिखो या न लिखो, मैं खुद लिखूँगी कैफ़ियत ज़िंदा कि मुर्दा मात, देवी या कि महरी क्या हैसियत मेरी जहां…
फिर तुम लिखो या न लिखो, मैं खुद लिखूँगी कैफ़ियत ज़िंदा कि मुर्दा मात, देवी या कि महरी क्या हैसियत मेरी जहां…
निवेदक: पानी पोस्ट टीम 13 जून, 2011 से 04 जून, 2023 – मात्र 12 वर्ष के इस छोटे से इस अंतराल में हमने खासकर...