न्यू इण्डिया के नारे के बीच पानी, खेती और शहरों की तसवीर तथा बाजार व सरकार के रवैये को सामने रखती एक कविता

  यह न्यू इण्डिया है… रचनाकार : अरुण तिवारी 1.  पानी   बूंदा है, बरखा है, पर तालाब रीते...

दिल्ली जल बोर्ड : बदहाल आपूर्ति, तरक्की पर भ्रष्टाचार

दिल्ली जल बोर्ड  बदहाल आपूर्ति, तरक्की पर भ्रष्टाचार लेखक : अरुण तिवारी मुख्यमंत्री श्री केजरीवाल के लिए यह याद...

दीपपर्व 2017 मंगलमय

  जब अंधकार की चुनौती पर  कोई दिल संकल्प ठानता है, कुछ किरणें लोहा लेती हैं, कुछ दीए सूरज...

05 सितम्बर - भारतीय  राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर विशेष 

डी एन ए विकसित करने की भूमिका में आयें शिक्षक लेखक: अरुण तिवारी   शानदार इमारतें, आधुनिकतम उपकरण, तकनीक,...

समाज का प्रकृति एजेण्डा जगाती एक पुस्तक

  पुस्तक का नाम: समाज, प्रकृति और विज्ञान लेखक: श्री विजयदत्त श्रीधर, श्री राजेन्द्र हरदेनिया, श्री कृष्ण गोपाल व्यास,...
आज का लेख, जलतरंग, नदी लेख, पानी लेख, प्रकृति लेख
न्यू इण्डिया के नारे के बीच पानी, खेती और शहरों की तसवीर तथा बाजार व सरकार के रवैये को सामने रखती एक कविता
आज का लेख, पानी लेख
दिल्ली जल बोर्ड : बदहाल आपूर्ति, तरक्की पर भ्रष्टाचार
आज का लेख, समय विशेष
दीपपर्व 2017 मंगलमय
आज का लेख, समय विशेष
05 सितम्बर - भारतीय  राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर विशेष 
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समाज का प्रकृति एजेण्डा जगाती एक पुस्तक
आज का लेख, जलतरंग, नदी लेख, पानी लेख, प्रकृति लेख

न्यू इण्डिया के नारे के बीच पानी, खेती और शहरों की तसवीर तथा बाजार व सरकार के रवैये को सामने रखती एक कविता

  यह न्यू इण्डिया है… रचनाकार : अरुण तिवारी 1.  पानी   बूंदा है, बरखा है, पर तालाब रीते हैं। माटी के होंठ तक  कई जगह सूखे हैं। भूजल की सीढ़ी के  नित नये डण्डे टूटे हैं।   गहरे-गहरे बोर ने कई कोष लूटे हैं। शौचालय का शोर भी  कई कोष लूटेगा।   स्वच्छ नदियों का गौरव  बचा नहीं शेष अब, हिमनद…

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आज का लेख, पानी लेख

दिल्ली जल बोर्ड : बदहाल आपूर्ति, तरक्की पर भ्रष्टाचार

दिल्ली जल बोर्ड  बदहाल आपूर्ति, तरक्की पर भ्रष्टाचार लेखक : अरुण तिवारी मुख्यमंत्री श्री केजरीवाल के लिए यह याद करने का एकदम सही वक्त है कि यदि पानी के बिल में छूट का लुभावना वायदा आम आदमी पार्टी के लिए दिल्ली विधानसभा की राह आसान बना सकता है, तो दिल्ली जलापूर्ति की गुणवत्ता और मात्रा में मारक दर्जे की गिरावट…

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आज का लेख, समय विशेष

दीपपर्व 2017 मंगलमय

  जब अंधकार की चुनौती पर  कोई दिल संकल्प ठानता है, कुछ किरणें लोहा लेती हैं, कुछ दीए सूरज बन जाते हैं, तब हर क्षण अरुणोदय होता है, हर पल उत्कर्ष मनाता है,  हर दिवस पर्व बन जाता है । ****************************** आइये, संकल्प लें  और  कुछ नन्हे दीयों को सूरज बनायें। दीपपर्व – 2017  मंगलमय *****************************   निवेदक  पानी पोस्ट टीम

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आज का लेख, समय विशेष

05 सितम्बर – भारतीय  राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर विशेष 

डी एन ए विकसित करने की भूमिका में आयें शिक्षक लेखक: अरुण तिवारी   शानदार इमारतें, आधुनिकतम उपकरण, तकनीक, उन्नत किस्में, नस्लें… आज हमारी चाहत का हिस्सा हैं। गारंटीप्रूफ इलाज, ऊंची आय, अधिकतम उत्पादन भी हम चाहते ही हैं। इन्हे बनाने, हासिल करने, चलाने, हासिल तथा प्रबंधन करने वाले हुनरमंदों को तैयार करने का काम निःसंदेह शिक्षकों का है, किंतु…

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आज का लेख, नदी लेख, पानी लेख, प्रकृति लेख

समाज का प्रकृति एजेण्डा जगाती एक पुस्तक

  पुस्तक का नाम: समाज, प्रकृति और विज्ञान लेखक: श्री विजयदत्त श्रीधर, श्री राजेन्द्र हरदेनिया, श्री कृष्ण गोपाल व्यास, डाॅ. कपूरमल जैन, श्री चण्डी प्रसाद भट्ट संपादक: श्री राजेन्द्र हरदेनिया प्रकाशक: माधवराव सप्रे स्मृति समाचारप संग्रहालय, एवम् शोध संस्थान, माधवराव सप्रे मार्ग (मेन रोड नंबर तीन), भोपाल (म.प्र.) – 462003 संपर्क :  फोन: 0755-2763406 / 4272590,  ई मेल: editor.anchalikpatrakar@gmail.com   पुस्तक…

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आज का लेख, नदी लेख, प्रकृति लेख

गंगोत्री के हरे पहरेदारों की पुकार सुनो

लेखक: सुरेश भाई एक ओर ‘नमामि गंगे’  के तहत् 30 हजार  हेक्टेयर भूमि पर वनों के रोपण का लक्ष्य है तो दूसरी ओर गंगोत्री से हर्षिल के बीच हजारों हरे देवदार के पेडों की हजामत किए जाने का प्रस्ताव है। यहां जिन देवदार के हरे पेडों को कटान के लिये चिन्हित किया गया हैं, उनकी उम्र न तो छंटाई योग्य…

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NAPM निमंत्रण : ‘मुक्त बहने दो’ पुस्तक विमोचन तथा उत्तराखंड में भूमि का सवाल पर चर्चा

जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय, उत्तराखंड                      कंडी खाल, पो0 आ0 कैम्पटी वाया मसूरी, टिहरी गढवाल, उत्तराखंड–248179      09718479517, 9927145123 निमंत्रण  10 जून, 2017 शनिवार   समय- 11 बजे से 3.30 तक स्थान- जैन धर्मशाला, निकट प्रिंस चौक, देहरादून, उत्तराखंड                                            …

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आज का लेख, प्रकृति लेख, समय विशेष

अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस २०१७ पर विशेष : जन जुड़ेगा तो बचेगा पर्यावरण

श्री अनुपम मिश्र जी और उनसे परिचय करती भेड़ें : यूँ जुड़े प्रकृति का हर अंग तो कुछ बात बने  आदरणीय / आदरणीया, नमस्ते .   अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस – 2017 का संयुक्त राष्ट्र संघ निदेशित वाक्य है – कनेक्ट विथ नेचर अर्थात प्रकृति से जुड़ें. इसके मायने को खोलता अरुण तिवारी लिखित लेख नवभारत टाइम्स के 05  जून के…

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गंगा तट से बोल रहा हूं : अरुण तिवारी

हंसा तो तैयार अकेला , तय अब हम को ही करना है  स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद (प्रो जी डी अग्रवाल जी ) के गंगा अनशन (वर्ष 2013) पर छाई चुप्पी से व्यथित होकर अनशन के 100वें दिन श्री अरुण तिवारी ने एक अत्यंत मार्मिक आहृान किया था। मातृ सदन के स्वामी शिवानंद जी के अनशन पर हरिद्वार प्रशासन ने जिस प्रकार…

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आज का लेख, नदी लेख, समय विशेष

04 जून-गंगा दशहरा पर विशेष : इच्छा मृत्यु मांगती मां की पुकार सुनें

  लेखक: अरुण तिवारी   ‘‘गं अव्ययं गम्यति इति गंगा। तुमने ही कहा कि मैं तुम्हे स्वर्ग ले जाने आई थी। मुझे तुम्ही इस धरा पर लाये थे। अब तुम्ही इस गंगा दशहरा पर मुझे मार क्यों नहीं देते ? तुमने मुझे मां से महरी तो बना ही दिया है। कोमा में भी पहुंचा ही दिया है। अब वापस मुझे…

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जलदूतों ने संभाली कमान...

…. ताकि लातूर बनने  से बचा रहे  मेरठ ( नीर फाउंडेशन, मेरठ के निदेशक श्री रमन त्यागी से प्राप्त फोटो और जानकारी पर आधारित लेख: पानी पोस्ट  टीम ) गंगा-यमुना के दोआब...

हरित न्याय का भारतीय नायक : पद्मश्री एम. सी. मेहता

लेखक: अरुण तिवारी मैने उनका बैंक बैलेंस नहीं देखा। न मैने उनकी बहस सुनी है और न अदालती मामलों में जीत-हार की सूची देखी है। मैंने सिर्फ उनकी सादगी...