पानी प्रणय पक्ष

लेखक : अरुण तिवारी आतुर जल बोला माटी सेमैं प्रकृति का वीर्य तत्व हूं,तुम प्रकृति की कोख हो न्यारी।इस...

मैं देवदार का घना जंगल

लेखक: अरुण तिवारी मैं देवदार का घना जंगल,गंगोत्री के द्वार ठाड़ा,शिवजटा सा गुंथा निर्मलगंग की इक धार देकर,धरा को...

स्वामी सानंद इसलिए चाहते थे अविरल गंगा

अरुण तिवारी गंगा की अविरलता की मांग को पूरा कराने के लिए स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद ने अपने प्राण तक...

उमा जी सामने होती, तो गर्दन पकङ लेता : स्वामी सानंद

प्रस्तोता: अरुण तिवारी (यह प्रस्तुति, इसी जुलाई के दूसरे सप्ताह में स्वामी सानंद से हुई बातचीत के अंशों पर...

क्यों है खास चातुर्मास ?

लेखक: अरुण तिवारी चातुर्मास का मतलब है, आषाढ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से लेकर कार्तिक मास...
आज का लेख, जलतरंग, पानी लेख, प्रकृति लेख
पानी प्रणय पक्ष
आज का लेख, जलतरंग, प्रकृति लेख
मैं देवदार का घना जंगल
आज का लेख, नदी लेख
स्वामी सानंद इसलिए चाहते थे अविरल गंगा
आज का लेख, नदी लेख, संवाद
उमा जी सामने होती, तो गर्दन पकङ लेता : स्वामी सानंद
आज का लेख, प्रकृति लेख, समय विशेष
क्यों है खास चातुर्मास ?
आज का लेख, नदी लेख, समय विशेष

स्वामी सानंद का गंगा स्वप्न, सरकार और समाज

लेखक : अरुण तिवारी 20 जुलाई, 1932 को जन्मे प्रो. गुरुदास अग्रवाल जी ने 11 अक्तूबर, 2018 को अपनी देहयात्रा पूरी की। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज़िला मुजफ्फरनगर के कांधला में जन्मे। उत्तराखण्ड के ज़िला ऋषिकेश के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में उन्होने अंतिम सांस ली।  उनकी एक पहचान ‘जी डी’…

Continue reading
आज का लेख

इंसानियत अभी ज़िंदा है

लेखक : अरुण तिवारी  सच है कि अधिक से अधिक धन, अधिक से अधिक भौतिक सुविधा, अधिक से अधिक यश व प्रचार हासिल करना आज अधिकांश लोगों की हसरत का हिस्सा बनता जा रहा है। यहीं यह भी सच है कि ऐसी हसरतों की पूर्ति के लिए हमने जो रफ्तार…

Continue reading
आज का लेख, जलतरंग, नदी लेख, पानी लेख, प्रकृति लेख

न्यू इण्डिया के नारे के बीच पानी, खेती और शहरों की तसवीर तथा बाजार व सरकार के रवैये को सामने रखती एक कविता

यह न्यू इण्डिया है…रचनाकार : अरुण तिवारी 1.  पानी बूंदा है, बरखा है,पर तालाब रीते हैं।माटी के होंठ तक कई जगह सूखे हैं।भूजल की सीढ़ी के नित नये डण्डे टूटे हैं।गहरे-गहरे बोर नेकई कोष लूटे हैं।शौचालय का शोर भी कई कोष लूटेगा।स्वच्छ नदियों का गौरव बचा नहीं शेष अब,हिमनद के आब तकपहुंच गई आग आज,मौसम की चुनौतीघर…

Continue reading
आज का लेख, पानी लेख

दिल्ली जल बोर्ड : बदहाल आपूर्ति, तरक्की पर भ्रष्टाचार

दिल्ली जल बोर्ड बदहाल आपूर्ति, तरक्की पर भ्रष्टाचारलेखक : अरुण तिवारी मुख्यमंत्री श्री केजरीवाल के लिए यह याद करने का एकदम सही वक्त है कि यदि पानी के बिल में छूट का लुभावना वायदा आम आदमी पार्टी के लिए दिल्ली विधानसभा की राह आसान बना सकता है, तो दिल्ली जलापूर्ति की…

Continue reading
आज का लेख, समय विशेष

दीपपर्व 2017 मंगलमय

जब अंधकार की चुनौती पर कोई दिल संकल्प ठानता है,कुछ किरणें लोहा लेती हैं,कुछ दीए सूरज बन जाते हैं,तब हर क्षण अरुणोदय होता है,हर पल उत्कर्ष मनाता है, हर दिवस पर्व बन जाता है ।****************************** आइये, संकल्प लें और कुछ नन्हे दीयों को सूरज बनायें। दीपपर्व – 2017 मंगलमय

Continue reading
आज का लेख, समय विशेष

05 सितम्बर – भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर विशेष

डी एन ए विकसित करने की भूमिका में आयें शिक्षक लेखक:अरुण तिवारी शानदार इमारतें, आधुनिकतम उपकरण, तकनीक, उन्नत किस्में, नस्लें… आज हमारी चाहत का हिस्सा हैं। गारंटीप्रूफ इलाज, ऊंची आय, अधिकतम उत्पादन भी हम चाहते ही हैं। इन्हे बनाने, हासिल करने, चलाने, हासिल तथा प्रबंधन करने वाले हुनरमंदों को तैयार…

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख, पानी लेख, प्रकृति लेख

समाज का प्रकृति एजेण्डा जगाती एक पुस्तक

पुस्तक का नाम: समाज, प्रकृति और विज्ञान लेखक:श्री विजयदत्त श्रीधर, श्री राजेन्द्र हरदेनिया, श्री कृष्ण गोपाल व्यास, डाॅ. कपूरमल जैन, श्री चण्डी प्रसाद भट्टसंपादक: श्री राजेन्द्र हरदेनियाप्रकाशक: माधवराव सप्रे स्मृति समाचारप संग्रहालय, एवम् शोध संस्थान, माधवराव सप्रे मार्ग (मेन रोड नंबर तीन), भोपाल (म.प्र.) – 462003संपर्क :  फोन: 0755-2763406 / 4272590,…

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख, प्रकृति लेख

गंगोत्री के हरे पहरेदारों की पुकार

लेखक: सुरेश भाई एक ओर ‘नमामि गंगे’  के तहत् 30 हजार  हेक्टेयर भूमि पर वनों के रोपण का लक्ष्य है तो दूसरी ओर गंगोत्री से हर्षिल के बीच हजारों हरे देवदार के पेडों की हजामत किए जाने का प्रस्ताव है। यहां जिन देवदार के हरे पेडों को कटान के लिये…

Continue reading
आज का लेख, नदी लेख, पानी लेख, प्रकृति लेख, समय विशेष

NAPM निमंत्रण : ‘मुक्त बहने दो’ पुस्तक विमोचन तथा उत्तराखंड में भूमि का सवाल पर चर्चा

जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय, उत्तराखंड                     कंडी खाल, पो0 आ0 कैम्पटी वाया मसूरी, टिहरी गढवाल, उत्तराखंड–248179      09718479517, 9927145123 निमंत्रण 10 जून, 2017 शनिवार   समय- 11 बजे से 3.30 तकस्थान- जैन धर्मशाला, निकट प्रिंस चौक, देहरादून, उत्तराखंड  प्रिय साथी , जिंदाबाद!!    बांध परियोजनाओं को उत्तराखंड में विकास के लिये प्रचारित किया गया है। पर्यावरण…

Continue reading

Popular posts

जल सुरक्षा अधिकार विधेयक प्रारूप पर डॉ. चन्दरशेखर प्राण के महत्वपूर्ण सुझाव

मेरी टिप्पणी मुख्य रूप से अंग्रेजी ड्राफ्ट को लेकर है  :1.      हिंदी और अंग्रेजी दोनों में एक्ट के शीर्षक को लेकर भिन्नता है. अंग्रेजी में इसे River Conservation...

जाओ, मगर सानंद नहीं, जी डी बनकर - अविमुक्तेश्वरानंद

स्वामी सानंद गंगा संकल्प संवाद – 10वां कथनप्रस्तुति: अरुण तिवारी प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई...
Bitnami